सरगुजा, छत्तीसगढ़ (26 जून 2025): अगर आप कुदरगढ़ माता मंदिर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपको विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। हाल के दिनों में मंदिर परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में बंदरों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है। श्रद्धालुओं के अनुसार अब ये बंदर सामान छीनने और आक्रामक व्यवहार तक करने लगे हैं।
मंदिर परिसर में बंदरों का जमावड़ा
कुदरगढ़ के मंदिर क्षेत्र में ऊपर से नीचे तक बंदर ही बंदर दिखाई देते हैं। ये बंदर प्रसाद, फल, बिस्किट, पानी की बोतल, मोबाइल और यहां तक कि चश्मा तक छीनने की कोशिश करते हैं। कई बार श्रद्धालुओं को इनके कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बच्चों के साथ यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए विशेष चेतावनी
बच्चों को किसी भी स्थिति में अकेला न छोड़ें।
उनके हाथ में कोई भी खाद्य सामग्री न दें।
सीढ़ियां चढ़ते या उतरते समय बच्चों का हाथ पकड़े रहें।
बंदरों को छेड़ने या नज़दीक जाने से रोकें।
यात्रियों के लिए सुझाव
खाद्य सामग्री और प्रसाद को बैग में रखें।
बंदरों को खाने की चीजें न दें, इससे वे और अधिक आक्रामक हो सकते हैं।
मोबाइल, कैमरा और अन्य कीमती सामानों को सुरक्षित ढंग से रखें।
स्थानीय निवासियों और प्रशासन से अपील
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की ओर से प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि मंदिर परिसर और रास्तों में बंदरों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए जाएं। जब तक कोई स्थायी उपाय नहीं किया जाता, यात्रियों की सतर्कता ही उनकी सुरक्षा है।
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निष्कर्ष:
कुदरगढ़ एक आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थल है, लेकिन वहाँ की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यात्रा के दौरान सुरक्षा और सावधानी अत्यंत आवश्यक है। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करें।
वेबसाइट स्रोत: BharatAbtak.com









